इलेक्टोरल बॉन्ड मामले में सुप्रीम फटकार…एसबीआई को देना ही होगी यह जानकारी


चुनावी बॉन्ड मामले में सुप्रीम कोर्ट ने भारतीय स्टेट बैंक को कड़ी फटकार लगाई है. सुप्रीम कोर्ट ने जानकारी देने के लिए समय बढ़ाने की मांग वाली याचिका भी खारिज कर दी है. सुप्रीम कोर्ट की पांच सदस्यीय पीठ ने कहा कि एसबीआई मंगलवार तक चुनावी बांड के बारे में चुनाव आयोग को जानकारी दे. आपको बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने पिछले महीने फरवरी में चुनावी बॉन्ड योजना पर रोक लगा दी थी.
- इलेक्टोरल बॉन्ड पर सुप्रीम कोर्ट ने एसबीआई को लगाई फटकार
- एसबीआई को 12 मार्च तक डेटा देना होगा
- बैंक के वकील साल्वे ने 30 जून तक का समय मांगा था
- समय मांगने पर सुप्रीम कोर्ट ने लगाई फटकार
सुप्रीम कोर्ट ने एसबीआई को एक दिन बाद मंगलवार शाम 5 बजे तक चुनाव आयोग को जानकारी प्रकाशित करने का भी आदेश दिया है. आपको बता दें कि बैंक की ओर से कोर्ट में पेश हुए वरिष्ठ वकील हरीश साल्वे ने कोर्ट से कहा है कि बैंक को जानकारी जुटाने के लिए अभी और समय चाहिए. इसके लिए साल्वे ने मामले की संवेदनशीलता का भी हवाला दिया और पूरी प्रक्रिया में नाम न होने की बात भी कही. बैंक के वकील साल्वे ने अदालत को बताया कि दानकर्ता की जानकारी बैंक की निर्दिष्ट शाखाओं में सीलबंद लिफाफे में रखी जाती है। जहां से इकट्ठा करने में समय लग सकता है.
सीजेआई चंद्रचूड़ ने एसबीआई की मंशा पर सवाल उठाते हुए कहा, ‘आप कह रहे हैं कि जानकारी सीलबंद लिफाफे में रखी गई है. इसे सीलबंद लिफाफे में मुंबई शाखा में जमा करा दिया गया है. उन्होंने कहा कि कोर्ट के निर्देश जानकारी एकत्र करने के नहीं हैं. कोर्ट चाहता था कि एसबीआई दानदाताओं की जानकारी उजागर करे। लेकिन आप आदेश का पालन क्यों नहीं कर रहे हैं?
कोर्ट ने बैंक से पूछा- आपने 26 दिन तक क्या किया?
30 जून 2024 तक का समय मांगने पर सुप्रीम कोर्ट ने एसबीआई को फटकार लगाई है. कोर्ट ने यह भी कहा कि आपने पिछले 26 दिनों में क्या कदम उठाए हैं. आवेदन में इसकी कोई जानकारी नहीं दी गयी है. पांच सदस्यीय पीठ में शामिल जस्टिस खन्ना ने कहा कि सारी जानकारी सीलबंद लिफाफे में है. आपको बस उन लिफाफों को खोलना है और जानकारी देनी है। दरअसल, एसबीआई ने चुनाव आयोग को चुनावी बॉन्ड के बारे में जानकारी देने के लिए 30 जून 2024 तक का समय मांगा था. ऐसे में भारत के मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ की अगुवाई वाली पांच सदस्यीय पीठ इस मामले की सुनवाई कर रही है. पांच सदस्यीय पीठ में न्यायमूर्ति संजीव खन्ना के साथ न्यायमूर्ति बीआर गवई और न्यायमूर्ति जेबी पारदीवाला और न्यायमूर्ति मनोज मिश्रा शामिल हैं।